आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा पूरे देश में लोकतंत्र का गला घोंटने का एक ही मॉडल अपना रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा अपनी हार के डर से विपक्षी नेताओं को ईडी और सीबीआई के जरिए डराना शुरू कर देती है या लालच देकर अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है। मीत हेयर ने स्पष्ट किया कि पंजाब की धरती सिद्धांतों और संघर्ष की धरती है, यहाँ भाजपा का यह \’वॉशिंग मशीन\’ मॉडल कभी सफल नहीं होगा।
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद मीत हेयर ने उदाहरण देते हुए कहा कि असम में हेमंत विश्व शर्मा पर कांग्रेस में रहते हुए सीबीआई की छापेमारी हुई, लेकिन भाजपा में शामिल होते ही वे पाक-साफ हो गए। महाराष्ट्र में अजीत पवार पर एक ही रात में 70 मुकदमे दर्ज किए गए और अमित शाह ने उन्हें देश का सबसे भ्रष्ट नेता बताया, लेकिन भाजपा में शामिल होते ही उन्हें डिप्टी सीएम बना दिया गया।
उन्होंने कहा कि आज संसद के भीतर भी यही दृश्य है। राहुल गांधी की कभी कोर टीम रहे रवनीत बिट्टू और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे लोग भाजपा की अगली बेंचों पर बैठे हैं, जबकि भाजपा के पुराने समर्पित कार्यकर्ता पीछे धकेल दिए गए हैं। पंजाब भाजपा का हाल तो यह है कि वहां भाजपा की बैठकों में पुराने भाजपाई कम और कांग्रेसी चेहरे जैसे सुनील जाखड़ और राणा सोढ़ी ज्यादा नजर आते हैं।
मीत हेयर ने राघव चड्ढा के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने एक आम युवा को राष्ट्रीय पहचान दी, उसी पार्टी के सबसे मुश्किल समय में राघव चड्ढा का साथ छोड़ देना नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल जी, मनीष सिसोदिया जी और संजय सिंह जेल में थे और कार्यकर्ता सड़कों पर लाठियां खा रहे थे, तब राघव चड्ढा विदेश चले गए। इससे यह शंका पैदा होती है कि उनकी भाजपा और अमित शाह के साथ कोई सांठगांठ हुई थी।
उन्होंने आगे कहा कि जब अरविंद केजरीवाल जी जेल से बाहर आए और उन्हें कोर्ट ने राहत दी, तब भी राघव चड्ढा ने एक ट्वीट तक नहीं किया, जिससे स्पष्ट है कि वे अब भाजपा के इशारे पर चल रहे हैं।
पंजाब में हाल ही में आप नेताओं और राज्यसभा सांसद मित्तल और मंत्री संजीव अरोड़ा के घरों पर हुई छापेमारी को उन्होंने इसी कड़ी का हिस्सा बताया। मीत हेयर ने कहा कि अमित शाह लगातार आप नेताओं को डराकर पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा भूल रही है कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सिद्धांतों के पक्के हैं। दिल्ली में भी इन्होंने पूरी कोशिश की थी, लेकिन हमारे नेता झुके नहीं। सतेंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को कई ऑफर दिए गए, लेकिन वे जेल जाना मंजूर कर गए पर भाजपा के आगे घुटने नहीं टेके।
सांसद ने सुनील जाखड़ और रवनीत बिट्टू को आड़े हाथों लेते हुए हेयर ने कहा कि वे पंजाब के इतिहास और सिखों के सिद्धांतों को जानते हैं। पंजाब वह कौम है जो सूखे पत्ते खाकर भी युद्ध लड़ना जानती है, लेकिन झुकना नहीं।
उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा जितना डराएगी, पंजाब में उसका उतना ही ज्यादा नुकसान होगा। 90% कुर्बानियां देने वाले पंजाबी जेलों और मुकदमों से नहीं डरते। भाजपा का यह एजेंडा अन्य राज्यों में चल सकता है, लेकिन पंजाब की तासीर अलग है। जाखड़ और बिट्टू शायद कुर्सी के लालच या डर के मारे चुप हैं, लेकिन आने वाले समय में भाजपा को इस दमनकारी राजनीति का भारी खमियाजा भुगतना पड़ेगा।
