मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती पंजाब के सीएम भगवंत मान से मिलने के लिए आज आम आदमी पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया पहुंचे। इस दौरान अस्पताल से जाते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम साहब अब ठीक हैं। उनकी सेहत में काफी सुधार है।
जब मीडिया ने सवाल किया डिस्चार्ज कब तक होंगे, तो इस पर सिसोदिया ने कहा, “मेरी अभी तक डॉक्टर से मुलाकात नहीं हुई है, इसलिए कुछ कहना मुश्किल है। आज तो मुझे नहीं लगता कि डिस्चार्ज होंगे, लेकिन संभव है कि कल तक हो जाए।”
इसके बाद मीडिया ने सवाल किया कि बठिंडा में किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई है और किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।इसके बाद कैबिनेट विस्तार और डिप्टी सीएम को लेकर चर्चा पर उन्होंने कहा, “अभी तो एआई समिट चल रही है। पूरे देश में उसका मजाक बन रहा है।”
पत्रकारों ने सवाल किया कि चीफ सेक्रेटरी केएपी. सिन्हा भी आए थे और आप भी यहां पहुंचे थे, क्या कोई मीटिंग थी? इस सवाल पर सिसोदिया ने कहा, “मैं तो सिर्फ हालचाल पूछने आया था। वे मेरे दोस्त हैं।”
अस्पताल ने यह मेडिकल बुलेटिन बताया
मंगलवार रात जारी सेहत बुलेटिन में बताया गया कि सीएम को 16 फरवरी को नियमित जांच के लिए फोर्टिस अस्पताल, मोहाली गए थे। अब वह ठीक है। उन्हें ज्यादा थकान महसूस हो रही थी, इसलिए डॉक्टरों की निगरानी में आराम और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल कर रही है।
15 फरवरी को संगरूर में बिगड़ी तबीयत
15 फरवरी शिवरात्रि वाले दिन दोपहर में सीएम संगरूर के धूरी स्थित श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-पाठ और हवन यज्ञ किया।
इसके बाद सीएम की तबीयत बिगड़ गई। सीएम का संगरूर के बाद फाजिल्का दौरा था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें तुरंत मोहाली फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। लेकिन 16 फरवरी को मोगा रैली में शामिल हुए। उसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए।
कल मिली थी अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी
17 फरवरी को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल को उड़ाने की धमकी मिली थी। जो स्कूल को ईमेल आई थी। उसमें इस बात का जिक्र था। इसके बाद पुलिस की टीमों ने पूरी जांच की। एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने मीडिया को बताया कि धमकी स्कूल के ईमेल आईडी के पर आई थी।
इस लिए सावधानी के तौर पर विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए नजदीक के सभी स्कूलों की भी अच्छी तरह जांच की गई। यह मेल फर्जी थी।
