पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं के खिलाफ आबकारी नीति मामले में अदालत द्वारा आरोपों को रद्द करना पार्टी की स्थिति पर दृढ़ मोहर है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो संदेश में कहा कि यह भारतीय राजनीति का ऐतिहासिक दिन है क्योंकि अदालत ने अरविंद केजरीवाल और 23 अन्य को बरी कर दिया, जिनके खिलाफ CBI ने गलत तरीके से केस दर्ज किया था। यह मामला केंद्र सरकार की आम आदमी पार्टी को रोकने की निराशाजनक कोशिश था। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश ने साबित किया कि अंधेरी रात चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो, अंततः सच्चाई और न्याय की ही जीत होती है।
न्याय और लोकतंत्र की जीत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत का यह आदेश CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाता है, जो केंद्र में सत्ताधारी लोगों के दबाव में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव जीतने के लिए आम आदमी पार्टी की पूरी नेतृत्व टीम को जेल में डाला गया। यह निर्णय साबित करता है कि अरविंद केजरीवाल और अन्य नेता ईमानदार हैं और केवल सत्य और जनता की सेवा के लिए राजनीति में हैं।
पारंपरिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा केवल सत्ता का रोटेशन खेलती रही और अपनी-अपनी बारी के अनुसार देश और जनता को लूटती रही। आम आदमी पार्टी ने देश की राजनीति में कदम रखते हुए भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठाई।
अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में बदलाव
मुख्यमंत्री ने अरविंद केजरीवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन से दिल्ली की तस्वीर बदल गई। जब आप सरकार ने दिल्ली में सत्ता संभाली थी, सालाना बजट 30,000 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 66,000 करोड़ रुपए हो चुका है। जनता को मुफ्त बिजली, विश्वस्तरीय स्कूल, मोहल्ला क्लिनिक और अन्य सुविधाएं पूरी समझदारी से दी गई हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला केवल पार्टी की जीत नहीं, बल्कि न्याय और ईमानदार राजनीति की जीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की प्रगति और लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक की आवाज़ को सुना जाना चाहिए, और यह निर्णय उस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
