संसद के बजट सत्र के दौरान आम आदमी के सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार से मांग की, कि जैसे भारतीय वोटरों को चुनने का अधिकार है, वैसे ही उन्हें वापस बुलाने का अधिकार भी होना चाहिए। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट में मध्यम वर्ग के लिए छूट की मांग की। आप सांसद ने कहा, मध्यम वर्ग अमीर और गरीब वर्ग के बीच सैंडविच बनता जा रहा है।
बुधवार को राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा,\\\’मैं इस सदन में ये मांग रखता हूं कि जैसे भारतीय वोटरों को चुनने का अधिकार है, वैसे ही उन्हें वापस बुलाने का अधिकार भी होना चाहिए। अगर देश का मतदाता अपने नेताओं को हायर कर सकता है, तो उन्हें उस नेता को फायर करने की भी शक्ति उसे मिलनी चाहिए।\\\’
If voters can HIRE a neta, they should be able to FIRE the neta too.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) February 11, 2026
If Indian voters have the Right to Elect, they should have the ‘RIGHT TO RECALL’ too.
Right to Recall is a mechanism that empowers voters to de-elect an elected representative, before their term ends, if they… pic.twitter.com/6mB4gpQKPu
मतदाताओं के पास MP/MLA को बर्खास्त करने का का अधिकार क्यों नहीं?
उन्होंने कहा, यदि हमारे पास राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, जजों को हटाने और सत्ता में चल रही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे बर्खास्त करने का अधिकार है तो खराब काम करने वाले सांसद/विधायकों को बर्खास्त करने का अधिकार मतदाताओं के पास क्यों नहीं? उन्होंने मांग की मतदाताओं के पास राइट-टू-रिकॉल नियम की मांग, जिसके तहत विधायकों/सांसदों को हटाया जा सके।
राघव चड्ढा ने कहा, रिकॉल का अधिकार एक ऐसा तंत्र है जो मतदाताओं को किसी अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में विफल रहने वाले निर्वाचित प्रतिनिधि को उसका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही पद से हटाने का अधिकार देता है।
मतदाताओं के पास होना चाहिए पद से हटाने का अधिकार
आप सांसद ने कहा, पांच साल बहुत लंबा समय है। ऐसा कोई पेशा नहीं है जहां आप पांच साल तक खराब प्रदर्शन करते रहें और आपको कोई परिणाम न भुगतना पड़े। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका, स्विट्जरलैंड जैसे विश्व के 24 से अधिक लोकतांत्रिक देशों में किसी न किसी रूप में पद से हटाने या मतदाता द्वारा पद से हटाने की व्यवस्था है। यदि भारतीय मतदाताओं को चुनाव का अधिकार है, तो उन्हें पद से हटाने का अधिकार भी होना चाहिए।
